जागृति की दास्तां कहता ‘एबसल्यूट लव लेटर’
हाल में अपने उपन्यास को लेकर चर्चा में आए लेखक नितिन यदुवंशी से मिलना हुआ। 2015 का ‘आज की दिल्ली अचिवमेंट अवार्ड‘ पा चुका उनका उपन्यास एक ओर जहां मुहब्बत की कहानी बयां करता है, कल्पना, रोमांस, दोस्ती, दर्द की बात कहता है तो वहीं साथ-साथ एक नए खाखे में बाल यौन शोषण विषय को संजीदगी इस पर जागरूकता दिखाने का भी प्रयास करता है। नो माइंड प्रकाशन के मुख्य संपादक एस.एस.पंवार से हुई उनकी बातचीत के अंश
एस.एस.पंवारः देखिए नितिन जी हाल ही में आपका उपन्यास आया है एबसल्यूट लव लेटर, जो काफी चर्चाएं बटोर रहा है, पहले तो इस बात की बधाई दूंगा। वहीं दूसरी बात आज का पाठक वर्ग एक ओर जहां इसे अश्लील दृष्टि से देख रहे हैं, जबकि एक तबका इसे उचित प्रयास मानता है, क्या कहोगे?
एस.एस.पंवारः नितिन जी, अश्लीलता का यहां आपने जिक्र किया क्या मानते हो इसके शाब्दिक अर्थ को लेकर जब विज्ञान की बात जब हो रही हो, रूढियों को नकारने की बात जब हो रही हो…
एस.एस.पंवारः जी बिलकुल, आपने ने जो ये उपन्यास लिखा, क्या उद्देश्य था कैसी शिक्षा आप समाज को देना चाहोगे, क्या संदेश देना चाहोगे?
विख्यात फिल्मकार व लेखक नितिन यदुवंशी को दिल्ली में सम्मानित किया गया। मेरठ के भवानीपुरम के रहने वाले नितिन यदुवंशी के नॉवल ” एब्सल्यूट लवलैटर ” के बेहतरीन लेखन को आधार मानते हुए आज की दिल्ली मैग्जीन के मैनेजिंग डायरेक्टर योगराज शर्मा ने उन्हें आज की दिल्ली अचिवमेंट अवार्डस 2015 से सम्मानित किया। बाल यौवन शोषण विषय को गंभीरता से व सजीव तरीके से उठाने और जागरुकता फैलाने के उनके इस प्रयास को नावल का आधार बनाया गया है। इस गंभीर विषय पर उनकी लेखनशैली व समाज व प्रशासन के रवैये को भी इस नावल में खास तरीके से उठाया गया है।





















































